GST Full Form | GST का फुल फॉर्म क्या है?

क्या आप जानते है कि GST क्या है? या फिर GST Full Form यदि नहीं जानते है तो हम आपको अपने इस आर्टिकल में विस्तारपूर्वक बिंदुवार ढंग से बतायेंगे कि GST Kya hai? और GST Full Form in Hindi के बारे में बतायेंगे ताकि यदि कोई आपसे पूछे कि जीएसटी का फुल फॉर्म हिंदी में बताइए? तो आप एक संतोषजनक व आत्मविश्वास पूर्ण जबाव दे सकें और जानकार व जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

हम अपने इस आर्टिकल में केवल आपको यही नहीं बतायेंगे कि, GST Kya hai? या फिर GST Full Form in Hindi बल्कि हम, अपने इस आर्टिकल में, आप सभी को विस्तार से बतायेंगे कि, जीएसटी कितने प्रकार के होते हैं? और साथ ही साथ जीएसटी की आवश्यकता? ताकि आप जीएसटी को लेकर पूरी व पर्याप्त जानकारी प्राप्त कर सकें।

हम अपने इस आर्टिकल में अपने सभी पाठको, युवाओ व अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों को GST Full Form in Hindi व इससे संबंधित सभी पूरी जानकारी प्रदान करेंगे क्योंकि यही हमारा लक्ष्य, कर्तव्य व दायित्व है।

GST Full Form | GST का Full Form क्या है?

GST Full Form

आइए अब हम, अपने सभी पाठको, युवाओँ व अर्थशास्त्र के विद्यार्थिओं को कुछ बिंदुओं की मदद से बतायें कि, हिंदी व अंग्रेजी में, GST Full Form क्या होता है? अर्थात् जीएसटी का फुल फॉर्म हिंदी में बताइए?

  1. GST Full Form in Hindi होता है – ’’ वस्तु व सेवा कर ’’ और
  2. अंग्रेजी में, GST Full Form होता है – ’’ Goods and Services Tax ’’ आदि।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आपको बताया कि, हिंदी व अंग्रेजी में, GST Full Form क्या होता है ताकि आप GST के पूर्ण रुप से परिचित होकर जानकार बन सकें।

कर कितने प्रकार के होते है?

इससे पहले कि हम आप सभी को GST के बारे में बतायें हम आपको कुछ बिंदुओं की मदद से बताना चाहते है कि हमारे भारत में कर व्यवस्था कितने प्रकार की होती है जो कि इस प्रकार से हैं-

  1. भारत में, पूरी कर व्यवस्था दो प्रकार – प्रत्यक्ष कर व अप्रत्यक्ष कर के रुप में होती है,

  2. प्रत्यक्ष कर

प्रत्यक्ष कर वो कर होता है जिसे भारत सरकार द्धारा सीधे तौर पर नागरिकों की आय पर लगाया जाता है जिसका मूल सिद्धान्त यह होता है कि आप जितना अधिक कमायेंगे उतना ही अधिक आपको कर देना होगा।

  1. अप्रत्यक्ष कर

अप्रत्यक्ष कर, वो कर होता है जो कि, किसी व्यक्ति के आय पर सीधा नहीं लगाया जाता है बल्कि अलग – अलग वस्तुओं व सेवाओं पर लगाया जाता है जिससे उस वस्तु या सेवा की अधिकतम खुदरा मूल्य ( MRP ) में,वृद्धि हो जाती है आदि।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आपको बताया कि, कर कितने प्रकार के होते है।

GST क्या है?

आइए अब हम, कुछ बिंदुओँ की मदद से आप सभी को विस्तारपूर्वक बिंदुवार ढंग से बतायेंगे कि, GST क्या है?

  1. GST का फुल फॉर्म – वस्तु व सेवा कर / Goods and Services Tax होता है,
  2. पूरे भारतवर्ष में, GST को आधिकारीक तौर पर 1 जुलाई, 2017 से लागू किया गया,
  3. हम, आप सभी को बता दें कि, GST मूलत एक ’’ संघीय कर / Federal Tax ’’ हैं जो कि, वस्तुओं व सेवाओं की बिक्री पर लगाया जाता है,
  4. यहां पर हम, आपको विशेष तौर पर बताना चाहते है कि, GST का भुगतान, उपभोक्ताओं द्धारा किया जाता है लेकिन सरकार को GST का भुगतान वस्तु व सेवा प्रदान करने वाले व्यवसायों व विक्रेताओं को करना पड़ता है,
  5. GST को हम, एक प्रकार के राजस्व के रुप मे भी देख सकते है क्योंकि GST वस्तुओं व सेवाओं की कीमत पर जोड़ा जाता है और जब कोई ग्राहक या उपभोक्त उस वस्तु या सेवा को खऱीदता हैं तो वो वस्तु व सेवा की कीमत के साथ ही साथ GST का भी भुगतान करता है और इसी GST को विक्रेता द्धारा अलग से जमा किया जाता है और सरकार को अदा अर्थात् जमा कर दिया जाता है और
  6. यहां पर हम, अपने सभी पाठको को यह भी बता दें कि, कुछ देशों में, GST को VAT – Value Added Taxes भी कहा जाता है।

उपरोक्त सभी बिंदुओं की मदद से हमने आपको बताया कि GST क्या है? ताकि आप सभी GST और इसकी सभी जानकारीयों से परिचित होकर सकारात्मक ढंग से GST का प्रयोग करके लाभ प्राप्त कर सके।

GST से किन लाभों की प्राप्ति होगी?

आइए अब हम, अपने सभी पाठकों को कुछ बिंदुओं की मदद से GST से प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में, बतायें जो कि, इस प्रकार से हैं-

  1. पहले किसी भी वस्तु की कीमत पर अलग – अलग जगहों के अनुसार टैक्स लगाया जाता था लेकिन GST की मदद से अब देश के किसी भी कोने में बिक रही वस्तु पर एक समान टैक्स लगाया जायेगा जिससे आम आदमी का आर्थिक विकास होगा,
  2. GST, भारतीय कर व्यवस्था को स्थायी, सरल व दीर्घायु बनाने में, प्रमुख भूमिका निभा रहा है,
  3. GST की मदद से टैक्स पर टैक्स लगाने की भ्रष्टाचारी प्रथा को समाप्त कर दिया गया है,
  4. GST की मदद से भारतीय बाजार में 2,00 अरब डॉलर व 1.3 अरब लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जायेगा,
  5. वहीं GST का लाभ यह भी है कि भारत में 20 लाख तक का व्यापार करने वाले व्यापारियों को GST से छूट / रियायत प्रदान की जायेगी,
  6. वहीं दूसरी तरफ आयकर विभाग के कर्मचारीयों द्धारा की जाने वाली भ्रष्टाचार को GST ने, सिरे से समाप्त करने में योगदान देगी,
  7. अब पूरे भारतवर्ष में सभी वस्तुओं व सेवाओं पर केवल GST लगाया जायेगा और GST के आने के बाद से वैट अर्थात् VAT – Value Added Taxes को समाप्त कर दिया गया है और
  8. अन्त मे हम आपको बता दे कि GST से पहले हमें सभी प्रकार की वस्तुओं व सेवाओं पर 30 से लेकर 35% तक टैक्स चुकाना पड़ता था जो कि, अब हमें केवल 18% ही अदा करना होगा आदि।

उपरोक्त बिंदुओँ की मदद से हमने अपने सभी पाठको व युवाओं को विस्तार से GST से प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में, बताया।

जीएसटी कितने प्रकार के होते हैं?

आइए अब हम, अपने सभी पाठकों को तालिका की मदद से विस्तार से बतायें कि, जीएसटी कितने प्रकार के होते हैं?

CGST ( केंद्रीय एवं वस्तु सेवा कर )मुख्य विशेषतायें –

1. CGST, केद्र सरकार के कर का एक भाग है,

2. CGST, भारत सरकार के पास कई रुपों में, आता है जैसे कि – केद्रीय बिक्री कर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क व सेवा कर आदि,

3. CGST का निर्माण भारत सरकार द्धारा केंद्रीय वस्तु व सेवा कर अधिनियम 2016 द्धार किया गया है आदि।

SGST ( राज्य माल व सेवा कर )मुख्य विशेषतायें-

साल 2016 के वस्तु व सेवा कर अर्थात् जी.एसी.टी में, SGST ( राज्य माल व सेवा कर ) का प्रावधान किया गया था,

2. SGST ( राज्य माल व सेवा कर ) के तहत वस्तुओँ व सेवाओं से संबंधित बिक्री कर, लक्जरी टैक्स, मनोरंजन टैक्स, लेवीज़ ऑन लौटरी टैक्स और एंट्री टैक्स को शामिल किया जाता है आदि।

IGST ( एकीकृत माल व सेवा कर )मुख्य विशेषतायें –

1. IGST का मूलत अर्थ – एकीकृत माल व सेवा कर होता है,

2. किसी वस्तु को जब एक राज्य से दूसरे राज्य में, ले जाया जाता है तब उस वस्तु व सेवा पर IGST लगाया जाता है,

3. IGST के तहत वस्तुओं व सेवाओँ की आपूर्ति व आदान – प्रदान को शामिल किया जाता है आदि।

 UTGST ( केंद्र शासित प्रदेश हेतु वस्तु व सेवा कर )मुख्य विशेषतायें –

1. हम आपको बता दें कि, जी.एस.टी अधिनियम द्धारा केंद्र शासित प्रदेशो के लिए एक विशेष श्रेणी का निर्माण किया गया है,

2. केद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्मित इस विशेष श्रेणी को जी.एस.टी अधिनियम 2016 द्धारा ’’ UTGST अर्थात् केंद्र शासित प्रदेश हेतु वस्तु व सेवा कर ’’ की संज्ञा दी जाती है,

3. UTGST की मदद से भारत के सभी केंद्र शासित प्रदेशों में, एक समान कर व्यवस्था लागू की जाती है आदि।

उपरोक्त तालिका की मदद से हमने अपने सभी पाठको व युवाओं को विस्तार से बताया कि, जीएसटी कितने प्रकार के होते हैं?

जीएसटी टैक्स स्लैब अर्थात् विभिन्न प्रकार की दरें क्या है?

आइए अब हम, अपने सभी पाठको को एक विस्तृत तालिका की मदद से बतायें कि, जीएसटी टैक्स स्लैब अर्थात् विभिन्न प्रकार की दरें क्या है?

GST Tax Slabs अर्थात् जीएसटी बिभिन्न प्रकार की दरें?किन उत्पादों पर लगाया जायेगा?
5%GST Tax Slabs के तहत 5% टैक्स दैनिक उपयोग की चीजों पर लगाया जायेगा जैसे कि –

1. चीनी,

2. चाय,

3. भुनी हुई कॉफी बीन्स,

4. तेल,

5. मिल्क पाउडर,

6. बच्चो के लिए मिल्क फूड,

7. पैक्ड पनीर,

8. सूती धागा,

9. 500 रुपय की फुटवेयर व

10. 1000 रुपय तक के कपड़े आदि।

12%GST Tax Slabs के तहत 12% टैक्स दैनिक उपयोग की चीजों पर लगाया जायेगा जैसे कि –

1. मक्खन,

2. धी,

3. मोबाइल,

4. काजू,

5. बादाम,

6. सॉस,

7. फ्रूट जूस,

8. नारियल पानी,

9. अगरबत्ती,

10. छाता

11. 1000 रुपय तक के कपड़े आदि।

18%GST Tax Slabs के तहत 18% टैक्स दैनिक उपयोग की चीजों पर लगाया जायेगा जैसे कि –

1. ए.सी,

2. रेफ्रिजरेटर,

3. लैपटॉप,

4. हेयर ऑयल,

5. दंतमंजन,

6. कैपिटल गुड्स,

7. पास्ता,

8. कॉर्म फ्लैक्स,

9. जैम, सूप, आइसक्रीम,

10. आयरन स्टील,

11. फाउंटेन पेन,

12. कम्प्यूटर,

13. मानव निर्मित फाइबर

14. 500 रुपय तक के फुटवेयर आदि।

28%GST Tax Slabs के तहत 28% टैक्स दैनिक उपयोग की चीजों पर लगाया जायेगा जैसे कि –

1. उपभोक्ता ठोस व टिकाऊ वस्तुएं,

2. सीमेंट,

3. चुईंग गम,

4. कस्टर्ड पाउडर,

5. परप्यूम / सेन्ट,

6. शैम्पू,

7. मैकअप,

8. पटाखें,

9. मैकअप का सामान

10. मोटर साइकिल आदि।

उपरोक्त तालिका की मदद से हमने अपने सभी पाठको व युवाओ को विस्तार से GST Tax Slabs अर्थात् जीएसटी बिभिन्न प्रकार की दरों के बारे में बताया।

किन वस्तुओं पर GST नहीं लगाया जायेगा?

आइए अब हम, अपने सभी पाठकों को बतायें कि, किन वस्तुओं व सेवाओं पर GST नहीं लगाया जायेगा जो कि, इस प्रकार से हैं-

जूट, ताजा मीट, मछली, चिकन, अंडा, दूध, दही, छाछ, प्राकृतिक शहद, ताज़ा फल,सब्जियां, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टाम्प पेपर, प्रिंटिड बुक्स, अखबार, चूड़िया, हैंडलूम, अनाज, काजल और बच्चो की ड्राइंग कलर बुक आदि।

उपरोक्त सभी वस्तुओं व सेवाओं पर GST नहीं लगाया जायेगा ताकि इन वस्तुओं का प्रयोग हर आम इंसान आसानी व सहजता के साथ कर सकें।

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निष्कर्ष

1 जुलाई, 2017 पूरे भारतवर्ष के लिए एक क्रान्तिकारी व ऐतिहासिक दिन था जब भारत की मोदी सरकार द्धारा पूरे भारत में, आम इंसान के विकास के लिए, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए और भ्रष्टाचारी की समाप्ति के लिए आधिकारीक तौर पर ’’ GST – वस्तु एंव सेवा कर ’’ किया था जिसके सकारात्मक व दीर्घगामी परिणाम सामने आने लगे है और भारत तेज़ी से एक विकसित होती हुई भ्रष्टाचार मुक्त अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ने लगी है जिससे पूरे भारतवर्ष का सतत व सर्वांगिन विकास होगा।

अतः हमें आशा व उम्मीद है कि आपको हमारा ये आर्टिकल जरुर पसंद आया होगा जिसके लिए ना केवल आप हमारे इस आर्टिकल को अपने प्रियजनों में शेयर करेंगे बल्कि साथ ही साथ अपने विचार व सुझाव भी हमें कमेंट करके बतायेंगे ताकि हम इसी तरह के आर्टिकल्स आपके लिए लाते रहें।

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