अंत समय आने पर हमें यह कार्य अवश्य कर लेना चाहिए | chanakya niti in hindi

अंत समय आने पर हमें यह कार्य अवश्य कर लेना चाहिए:

दोस्तों इस संसार में जिसने भी जन्म लिया है उसे मरना भी होगा।
मौत तो सभी को आनी है इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन हमें मरने से पहले कुछ कार्य करना चाहिए जो कि मैं आपको बताने वाला हूं।
death-time-precautions
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दोस्तों इस संसार में जिसने भी जन्म लिया है उसे मरना भी होगा।
मौत तो सभी को आनी है इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन हमें मरने से पहले कुछ कार्य करना चाहिए जो कि मैं आपको बताने वाला हूं।
दोस्तों सबसे पहले तो मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि आप जीवन में किसी के साथ भी छल कपट या कोई बुरा बर्ताव ना करें हमेशा दुर्जनों की सहायता करें।
दोस्तों अगर मैं आपसे अपने विचार साझा करूं तो मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि जो संतुष्टि दूसरों की मदद करने से हमारे मन को मिलती है वह अद्भुत होती हैं।
मित्रों हमें सदैव दूसरों की मदद करनी चाहिए जिससे हमारे मन को भी संतुष्टि मिलेगी और पुण्य का काम भी हो जाएगा।
दोस्तों इस दुनिया में मनुष्य अपनी छोटी-छोटी गलतियों से ही सबके लिए जहर बन जाता है और इसी के विपरीत छोटे-छोटे पुण्य करने से भी मनुष्य महानता हासिल कर लेता है।
इसलिए मैं तो आपसे यही कहना चाहूंगा कि जहां भी आपको किसी की सहायता करने का अवसर मिले तो आपको उस अवसर को बिल्कुल नहीं गवाना चाहिए बल्कि तुरंत उसकी मदद करनी चाहिए।
तो दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि हमेशा सभी लोगों की सहायता करनी चाहिए और किसी से भेदभाव तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए यदि ऐसे ही कार्य आप अपने जीवन में करते हैं तो आपको अंत की चिंता नहीं करनी चाहिए।
निश्चित ही आप का अंत श्रेष्ठतर होगा।

किन स्थितियों में हमें बनवास कर जाना चाहिए:

 

मित्रों जब भी बनवास की बात आती है तो हमारे मस्तिष्क में कहीं ना कहीं राम बनवास की कायाकल्प छा जाती है।
राम ने वनवास किया था इसमें तो कोई झूठ नहीं है लेकिन उन्होंने बनवास बिना किसी कारण के नहीं किया था उनके सामने बहुत सी समस्याएं ऐसी थी जो कि ऐसे सुलझने वाली नहीं थी इसीलिए उन्होंने बनवास किया था और इन कारणों को सिर्फ वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने रामायण का विस्तार पूर्वक अध्ययन किया हो अर्थात रामायण में भगवान श्री राम के वनवास के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया है।
चलिए दोस्तों अब हम बात करते हैं कि हमें किन स्थितियों में बनवास कर जाना चाहिए।
जब भी आपके मान सम्मान पर कोई बात आए और समस्या का समाधान ना होने पाए तो आपको तत्काल ही कहीं चले जाना चाहिए या उचित होगा आप बनवास चले जाएं क्योंकि मनुष्य को अपना तिरस्कार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता।
हमें आजीवन तो वन में नहीं रहना चाहिए लेकिन जब तक स्थिति में सुधार ना आ जाए तब तक हमें अपने प्रदेश नहीं लौटना चाहिए जिससे कि जिन लोगों ने आपका तिरस्कार किया है उन्हें भी समझ में आना चाहिए कि हां यह मैंने गलत किया है ताकि उन्हें भी अपनी गलती का पश्चाताप हो सके।
दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि हमें किन स्थितियों में बनवास कर देना चाहिए।

सदैव अच्छे लोगों की संगत में इसलिए रहना चाहिए:

दोस्तों किसी भी चीज के दो पहलू होते हैं एक आपको सकारात्मक दिशा में ले जाता है और दूसरा आपको नकारात्मक दिशा में ले जाता है।
ठीक वैसे ही इस संसार में बहुत से व्यक्ति हैं जिनमें से कुछ लोगों की सोच सकारात्मक होती है और कुछ लोगों की सोच नकारात्मक होती है।
अब बात आती है कि हमें ऐसे लोगों को पहचानना कैसे हैं इसके लिए तो सबसे पहले मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि आप अपनी सोच को विकसित कीजिए फिर ही दूसरों से वार्तालाप या उठक बैठक कीजिएगा।
ताकि आप भी उन लोगों तक अपने सकारात्मक विचारों को आसानी से पहुंचा सके।
नकारात्मक विचार वाले लोगों की सबसे बड़ी पहचान यही है कि वह केवल अपने स्वार्थ के लिए ही और केवल अपने ही बारे में आपसे बात करना चाहेंगे।
वहीं अगर बात करें हम सकारात्मक विचार वाले व्यक्तियों की तो वह अपने हित की तो बात करेंगे ही लेकिन साथ में आपके हित की भी कुछ बात अवश्य करेंगे।
अब यहां आप पर निर्भर करता है कि आप ऐसे लोगों को किस प्रकार से चिन्हित कर सकते हैं।
इसलिए मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि यदि आप सकारात्मक विचार अपने मस्तिष्क में खुद लाते हैं तो यह बेहतर होगा लेकिन यदि आप दूसरे ऐसे लोगों के पास बैठते हैं जो कि आपको सदैव उत्साह से भरने की कोशिश करते हैं तो ऐसे ही लोग सकारात्मक विचार वाले होते हैं।
दोस्तों आप तो आप समझ ही गए होंगे कि हमें किन लोगों की संगत में रहना चाहिए।

किन स्थितियों में शिक्षा हमारा साथ देती है:

वैसे तो सामान्य बात करें तो शिक्षा हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण होती है लेकिन कभी-कभी हमें शिक्षा का अभाव होने पर बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
दोस्तों जब हम और आप छोटे होते हैं यानी बचपन के दौर में हम लोगों को इतनी समझ नहीं होती है कि शिक्षा का क्या महत्व है और इसे ग्रहण करना जरूरी क्यों होता है लेकिन जैसे जैसे हम लोग बड़े होते जाते हैं हम लोगों के मस्तिष्क में ऐसे विचार आना शुरू हो जाते हैं कि शिक्षा के बिना कुछ भी नहीं है लेकिन यह सब विचार आने से पहले हमारा बचपन तो बीत चुका होता है क्योंकि शिक्षा की शुरुआत तो हम बचपन से ही करते हैं।
अक्सर आपने देखा होगा जिन बच्चों के माता-पिता पढ़े-लिखे या कहीं ऊंची नौकरी कर रहे होते हैं उनके बच्चे हमेशा ही उनके आदर्श होते हैं और सफल होते हैं इसलिए क्योंकि उनके माता-पिता अपने जीवन में शिक्षा ग्रहण करके कामयाब हुए हैं और भी वैसे ही अपने बच्चों को भी उसी रूप में देखना चाहते हैं इसलिए भी अपने बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा का प्रबंध अवश्य करते हैं और यही एकमात्र कारण है कि जिसकी बदौलत उनके बच्चे भी सफल होते हैं।
वहीं अगर हम बात करें अनपढ़ व्यक्तियों की तो उनका सोच ऐसे लोगों से बिलकुल ही विपरीत होता है क्योंकि उन्होंने अपने मस्तिष्क में कुछ नकारात्मक विचारों को जगह दे रखी होती है जैसे कि हम इतना अपने बच्चों को नहीं पढ़ा पाएंगे कि उनकी कहीं नौकरी लग पाए या उनके मस्तिष्क में यह विचार आता है कि यदि हम अपने बच्चों को पढ़ा भी लेते हैं तो भी हम उनकी नौकरी लगने के लिए घूस नहीं दे पाएंगे।
जबकि यह तो बिल्कुल ही नकारात्मक विचारों में शामिल है क्योंकि दोस्तों आपने देखा होगा कि जो बच्चे पढ़ने में मेहनती और लगन के साथ पढ़ते हैं उन्हें किसी की सहायता लेने की आवश्यकता नहीं होती है भी अपनी मेहनत के दम पर ही सफल होते हैं।
मैं तो आपसे यही कहना चाहूंगा कि आप अपने बच्चों को उत्तम शिक्षा दिलवाए शिक्षा का अर्थ केवल नौकरी ही नहीं होता शिक्षा तो मनुष्य के व्यक्तित्व को बताती है इसलिए मनुष्य का शिक्षित होना बहुत ही आवश्यक होता है।

जीवन में कुछ ऐसा करें कि भीड़ को आप नहीं बल्कि भीड़ आपको देखने के लिए उत्सुक हो:

यह संसार बहुत ही विचित्र है इस संसार में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके बारे में सुनकर ही हम और आप चौक चाहते हैं।
देखिए मित्रों एक बात तो मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि केवल अमीर होना ही प्रसिद्धता का एकमात्र कारण नहीं है संसार में बहुत से ऐसे भी लोग प्रसिद्ध हुए हैं जिनके पास खाने के लिए खाना नहीं था और पहनने के लिए वस्त्र नहीं थे लेकिन फिर भी वे अपने कुछ कारनामों की वजह से प्रसिद्ध हुए हैं।
दोस्तों आपने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड का नाम तो सुना ही होगा यह एक ऐसी  किताब है जिसमें वह सब कुछ आपको मिलेगा जो इस संसार में अजीबो गरीब होता आया है या होता है।
गिनीज बुक में ज्यादातर गरीब तबके के लोगों का नाम रिकॉर्ड है क्योंकि जो अमीर होते हैं वह कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं करते और जो गरीब होते हैं वे अपनी समस्या की वजह से कुछ ना कुछ नया करने की कोशिश अवश्य करते हैं और भी कुछ ना कुछ कर भी जाते हैं इसीलिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में गरीब लोगों का नाम ज्यादा बार अंकित किया गया है।
इस संसार में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपनी प्रतिभा के दम पर कुछ ना कुछ अजीबोगरीब कार्य कर लेते हैं इसी कारण विश्वप्रसिद्ध होते हैं और भीड़ उनके लिए इकट्ठा होती है।
यदि आपमें कुछ खास हुनर है तो बिल्कुल आपके लिए भीड़ इकट्ठा होगी।
तो दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि प्रसिद्ध होने के लिए कुछ नया करके दिखाना होता है यदि आपके पास भी कुछ नया हुनर है तो बिल्कुल ही आप एक दिन प्रसिद्ध होंगे और आपके लिए एक दिन भीड़ इकट्ठा होगी।

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